माहिया
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माहिया
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माहिया
मेरे भी हिस्से की
खुशी मिले तुम्हे
सदा मैंने दुआ की
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कीमत लेकिन तुमने
प्यार का न समझा
किया था कभी हमने
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निहाल होते थे तुम
गजब था वह समय
अब यादों मे बस हम
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हमने चाहा तो था
सदा प्यार करे
अहम आड़े खड़ा था
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रीता सिंह 'सर्जना'
तेज़पुर,असम,(भारत )
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